कमाई किस हिसाब से बनती है
डिलीवरी के काम में ज़्यादातर कोई तय महीने की सैलरी नहीं होती। जितना काम पूरा करेंगे, उतना पैसा बनेगा।
- हर ऑर्डर या डिलीवरी का पैसा: Swiggy, Zomato, Blinkit, Swiggy Instamart, Shadowfax और XpressBees हर पूरी की गई डिलीवरी का पेमेंट देते हैं। ऑर्डर ज़्यादा, तो कमाई ज़्यादा।
- हर काम का अलग हिसाब: Zepto कहता है कि हर काम की फ़ीस दूरी, लगे समय, डिमांड, ट्रैफ़िक, मौसम और कस्टमर रेटिंग से तय होती है। कस्टमर की टिप पूरी आपको मिलती है।
- समय के ब्लॉक: Amazon Flex और Amazon Now में ऐप से 'ब्लॉक' बुक करते हैं, और हर ऑफ़र में अनुमानित कमाई दिखती है। Amazon Now का ब्लॉक आम तौर पर 4 घंटे का होता है, और दो डिलीवरी के बीच इंतज़ार का पैसा ब्लॉक की मिनिमम पे में जुड़ता है।
- हर राइड का किराया: Rapido और Uber Moto में हर राइड का किराया आपकी कमाई है।
मतलब, आपका शहर, आपके घंटे और कितने ऑर्डर आपने पूरे किए, इन्हीं से कमाई तय होती है।
पैसा बैंक में कब आता है
ज़्यादातर जगह पेमेंट हफ़्ते में एक बार आता है। Swiggy, Zomato, Blinkit, Swiggy Instamart, Shadowfax, XpressBees और Porter, सब हफ़्ते का पेमेंट बताते हैं। Delhivery सोमवार से रविवार तक के काम का बिल बनाकर पैसा बैंक खाते में भेजता है।
कुछ कंपनियों में तरीका अलग है:
- Amazon Flex और Amazon Now में पैसा आपके चुने हुए दिनों पर आता है, जल्दी से जल्दी अगले ही दिन।
- Rapido में किराया पहले Captain वॉलेट में जुड़ता है, वहाँ से आप बैंक में निकालते हैं।
- Zepto टैक्स काटकर हर हफ़्ते (या तय समय पर) पेमेंट देता है। किसी वेंडर के ज़रिये जुड़े हैं, तो पैसा वह वेंडर भी दे सकता है।
हर कंपनी को आपके नाम का बैंक खाता चाहिए। अप्लाई करने से पहले खाता तैयार रखें।
इंसेंटिव और बोनस: ऊपर की कमाई, तय नहीं
इंसेंटिव वो पैसा है जो ऑर्डर की कमाई के ऊपर मिलता है। हर कंपनी इसे अपने तरीके से देती है:
- Blinkit: सामान के वज़न और दूरी के हिसाब से इंसेंटिव, साथ में जॉइनिंग बोनस और रेफ़रल बोनस।
- Shadowfax: बेस पे के ऊपर दूरी का बोनस, पीक-आवर इंसेंटिव और परफ़ॉर्मेंस बोनस।
- XpressBees: इंसेंटिव, पीक-आवर बोनस, जॉइनिंग बोनस और रेफ़रल इनाम।
- Zomato: तय समय में कुछ ऑर्डर पूरे करने पर स्टार्टिंग बोनस, और रेफ़रल बोनस। दोनों शहर के हिसाब से बदलते हैं।
- Delhivery: समय पर डिलीवरी करने पर अलग से इंसेंटिव।
- Flipkart: त्योहार के सीज़न में बोनस और रेफ़रल इंसेंटिव।
इंसेंटिव कई बार छोटा होता है। मई 2026 में The Wire के रिपोर्टरों ने दक्षिण दिल्ली में खुद डिलीवरी करके देखी। Zepto ऐप पर दो ऑर्डर के ₹94 दिखे, जिसमें ₹20 का सर्ज था। Blinkit पर दो ऑर्डर के ₹35 और ऊपर से ₹22 का जॉइनिंग इंसेंटिव दिखा। ये एक दिन के रिपोर्ट किए गए उदाहरण हैं, कोई तय रेट नहीं।
हाथ में आने वाली कमाई कहाँ कट सकती है
ऐप में जो रकम दिखे, ज़रूरी नहीं कि पूरी आपके पास रहे। इन बातों पर नज़र रखें:
- पेनल्टी: दिल्ली में Indian Express के एक रिपोर्टर ने Swiggy पर एक ऑर्डर मना किया, और उस दिन की कमाई से ₹30 कट गए।
- ऑनबोर्डिंग फ़ीस: Swiggy के मुताबिक उसकी ऑनबोर्डिंग फ़ीस लगभग ₹1,500 है, जो जुड़ने के बाद किस्तों में कटती है। Swiggy Instamart, Zomato और Zepto भी कहते हैं कि फ़ीस कमाई से कट सकती है। पूरी जानकारी हमारी जॉइनिंग फ़ीस गाइड में है।
- गाड़ी का खर्च: पेट्रोल और बाइक का रखरखाव ज़्यादातर आपकी जेब से जाता है। XpressBees और Zepto ये साफ़ लिखते हैं।
- जल्दी काम छोड़ना: Amazon Now में ब्लॉक बीच में खत्म करने पर उस ब्लॉक का पैसा कम हो जाता है।
- टैक्स (TDS): पेमेंट से TDS कट सकता है। ज़्यादा कट गया हो तो इनकम टैक्स रिटर्न भरकर वापस मिल सकता है। इसका तरीका इसी पेज के सवाल-जवाब में है।
पहले कुछ हफ़्ते अपने ऑर्डर और पेमेंट एक कॉपी या फ़ोन में लिखते रहें। तब पता चलेगा कि खर्च निकालकर असल में कितना बचता है।
काम शुरू करने से पहले ये पूछ लें
जब कोई कंपनी या हमारी टीम आपसे ओपनिंग की बात करे, तो ये सवाल ज़रूर पूछें:
- पैसा हर ऑर्डर पर मिलेगा, ब्लॉक पर या हर राइड पर?
- हफ़्ते में किस दिन पेमेंट आएगा?
- अभी कौन से इंसेंटिव चल रहे हैं, और उनके लिए क्या करना होगा?
- ऑर्डर मना करने या जल्दी लॉग-ऑफ़ करने पर पैसा कटेगा?
- कोई ऑनबोर्डिंग फ़ीस या डिपॉज़िट है? कितना है, और क्या कमाई से कटेगा?
- पेट्रोल या किराये की गाड़ी का खर्च कौन देगा?
इनके साफ़ जवाब किसी एक कमाई के आंकड़े से ज़्यादा काम के हैं।
आगे क्या करें
अपने इलाके की ओपनिंग के बारे में बात करनी है? हमारा फ़ॉर्म भरें, हमारी टीम आपको कॉल करेगी। दिल्ली NCR की डिलीवरी जॉब की अपडेट पाएँ, इसी फ़ॉर्म से।