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डिलीवरी जॉब की जॉइनिंग फीस और डिपॉज़िट: क्या सही है, क्या धोखा

कुछ डिलीवरी कंपनियाँ सच में ऑनबोर्डिंग फीस लेती हैं, और कुछ कहती हैं कि जुड़ना मुफ़्त है। दिल्ली में फ़र्ज़ी रिक्रूटर भी रजिस्ट्रेशन, वेरिफ़िकेशन या प्रोसेसिंग के नाम पर पैसे मांगते हैं। यहाँ देखें कि कौन सी कंपनी क्या कहती है, और असली फीस व जाल में फ़र्क कैसे करें।

नेवी जैकेट पहने व्यक्ति हेलमेट के पास रखी नोटबुक पर कुछ रुपये के नोट गिन रहा है, चेहरे पर सावधानी, पीछे दिल्ली की सड़क

ये कंपनियाँ फीस की बात लिखती हैं

इन कंपनियों ने ऑनबोर्डिंग फीस, डिपॉज़िट या ऐसे किसी चार्ज का ज़िक्र किया है:

  • Swiggy: ऑनबोर्डिंग फीस लगभग ₹1,500, जो हर शहर में अलग हो सकती है। जुड़ने के बाद ये किस्तों में कमाई से कटती है।
  • Swiggy Instamart: फीस शहर और स्टोर के हिसाब से बदलती है। एक साथ दे सकते हैं, या कुछ हफ़्तों तक किस्तों में कमाई से कटवा सकते हैं। रकम पार्टनर ऐप में दिखती है।
  • Zomato: ट्रेनिंग और सपोर्ट के लिए ऑनबोर्डिंग फीस, एक बार में या किस्तों में। रकम शहर पर निर्भर है।
  • Blinkit: ऑनबोर्डिंग के समय ट्रेनिंग और सपोर्ट के लिए एक बार की जॉइनिंग फीस। पूरी बात इंटरव्यू में बताई जाती है।
  • Zepto: राइडर एग्रीमेंट में लिखा है कि ऑनबोर्डिंग और ट्रेनिंग फीस और एक रिफ़ंडेबल सिक्योरिटी डिपॉज़िट लिया जा सकता है, जो पेमेंट से कटता है। Zepto की टी-शर्ट या बैग खराब होने पर बदलवाने की भी फीस लग सकती है।
  • Rapido: कहता है कि Captain बनना मुफ़्त है, पर उसकी शर्तों में ऐप में दिखने वाली फीस या सब्सक्रिप्शन की बात है।
  • Uber Moto: हर राइड पर कमीशन की जगह ड्राइवर सब्सक्रिप्शन फीस देते हैं।

ये कंपनियाँ कहती हैं: जुड़ना मुफ़्त है

  • Porter के मुताबिक जुड़ने के लिए कोई रजिस्ट्रेशन फीस नहीं है।
  • XpressBees के मुताबिक कोई जॉइनिंग फीस नहीं है और ऑनबोर्डिंग मुफ़्त है।

Amazon Flex, Amazon Now, BB Now, Delhivery, Ekart, Flipkart Minutes और Shadowfax में कोई फीस है या नहीं, यह ऑनबोर्डिंग के समय कंपनी से ही पूछें।

असली फीस है या धोखा, ऐसे पहचानें

कंपनी की असली फीस और धोखा, दोनों एक जैसे लग सकते हैं। फ़र्क इसमें है कि पैसा कौन मांग रहा है, कब और कैसे।

ऊपर वाली कंपनियाँ जो तरीका बताती हैं:

  • फीस की बात कंपनी खुद ऑनबोर्डिंग या इंटरव्यू में करती है।
  • कई कंपनियाँ काम शुरू होने के बाद फीस किस्तों में कमाई से काटती हैं।
  • रकम कंपनी के अपने पार्टनर ऐप में दिखती है।

दिल्ली के धोखे वाले मामलों में क्या हुआ था:

  • WhatsApp, फ़ोन या सोशल मीडिया पर कोई "HR" बनकर बात करता है।
  • काम शुरू होने से पहले ही QR कोड या किसी आदमी के खाते में पैसे भेजने को कहा जाता है।
  • छोटी-छोटी फीस की लाइन लग जाती है: रजिस्ट्रेशन, वेरिफ़िकेशन, एग्रीमेंट, TDS, प्रोसेसिंग।
  • वादा होता है कि जॉइन करने के बाद पैसा लौटा देंगे।

एक मामले में ग्रोसरी डिलीवरी कंपनी में नौकरी के नाम पर एक युवक से ₹9,000 से ज़्यादा ले लिए गए। दूसरे मामले में उत्तम नगर के एक फ़र्ज़ी प्लेसमेंट ऑफ़िस ने रजिस्ट्रेशन और अकाउंट खोलने के नाम पर ₹3,000 से ₹4,000, या ₹4,800 मांगे। ज़्यादा जानने के लिए हमारी फ़र्ज़ी जॉब से बचने की गाइड पढ़ें।

पैसे देने से पहले

  1. देखें कि कंपनी फीस के बारे में क्या कहती है। जिस कंपनी ने फीस के बारे में बताया है, हमारी साइट पर उसके पेज पर ये सोर्स के साथ लिखा है।
  2. सिर्फ़ नौकरी का वादा करने वाले किसी आदमी को पैसे न दें। सरकार की नेशनल करियर सर्विस (NCS) भी कहती है कि नौकरी ढूंढने वाले एम्प्लॉयर को फीस न दें।
  3. कॉल करने वाला पैसे या बैंक की डिटेल मांगे, या ईमेल किसी फ़्री ईमेल पते से आए, तो सावधान हो जाएं।
  4. पूछें कि फीस कमाई से कटेगी या नहीं, और रकम कंपनी के ऐप में ही देखें।
  5. पैसे दे चुके हैं और धोखा लग रहा है, तो तुरंत साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।

ई-श्रम कार्ड मुफ़्त में बनता है। इसके लिए किसी को पैसे न दें।

हमारे यहाँ अप्लाई कैसे होता है

हमारा फ़ॉर्म भरें: नाम, फ़ोन, शहर और इलाका। हमारी टीम आपको कॉल करके ओपनिंग के बारे में और हर कंपनी क्या मांगती है, ये बताएगी।

लोग अक्सर पूछते हैं

नौकरी के लिए फीस देने के बारे में सरकार क्या कहती है?
श्रम मंत्रालय की नेशनल करियर सर्विस (NCS) कहती है कि वह रजिस्ट्रेशन, नौकरी के आवेदन या इंटरव्यू के लिए कभी कोई फीस नहीं लेती, और नौकरी ढूंढने वालों को एम्प्लॉयर को फीस नहीं देनी चाहिए। कुछ डिलीवरी प्लेटफ़ॉर्म अपने पेज पर ऑनबोर्डिंग फीस या डिपॉज़िट बताते हैं, इसलिए हमारी साइट पर उस कंपनी का पेज देखें कि वह क्या कहती है। अगर कोई फ़ोन या WhatsApp पर डिलीवरी जॉब दिलाने के बदले पैसे मांगे, तो सावधान हो जाएं। NCS हेल्पलाइन: 1514। साइबर फ्रॉड हो तो 1930 पर कॉल करें।
फ़र्ज़ी जॉब कॉल को कैसे पहचानें?
दूरसंचार विभाग (DoT) दो बड़े खतरे के संकेत बताता है: कॉल करने वाला पैसे या आपके बैंक की जानकारी मांगे, या ईमेल किसी फ़्री या गैर-आधिकारिक ईमेल पते से आए। अगर ऑफ़र ज़रूरत से ज़्यादा अच्छा लगे, तो ज़्यादातर वह धोखा ही होता है। ऐसे शक वाले कॉल या मैसेज की शिकायत Sanchar Saathi वेबसाइट या ऐप पर कर सकते हैं।
मैंने नौकरी के लिए किसी को पैसे दे दिए, अब लगता है धोखा हुआ। क्या करूं?
तुरंत शिकायत करें। नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। दिल्ली पुलिस भी कहती है कि साइबर फ्रॉड की शिकायत तुरंत 1930 पर करें, और प्लेसमेंट एजेंसी को जांचे बिना रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग या अकाउंट खोलने के नाम पर कोई पैसा न दें।
दिल्ली में फ़र्ज़ी डिलीवरी जॉब का धोखा कैसा दिखता है?
जून 2025 में दिल्ली की शाहदरा साइबर पुलिस ने एक आदमी को पकड़ा जो रिक्रूटर बनकर लोगों को फंसाता था। उसने सोशल मीडिया पर खुद को "HR Kamal" बताकर एक युवक से संपर्क किया, निर्माण विहार में वॉक-इन इंटरव्यू पर बुलाया और एक ग्रोसरी डिलीवरी कंपनी में नौकरी का वादा किया। फिर रजिस्ट्रेशन, डॉक्यूमेंट वेरिफ़िकेशन, एग्रीमेंट, TDS और प्रोसेसिंग के नाम पर पैसे मांगे। 27 मई से 6 जून 2025 के बीच युवक ने QR कोड पर ₹9,000 से ज़्यादा भेज दिए। काम शुरू होने से पहले छोटी-छोटी फीस की लंबी लिस्ट धोखे का साफ़ संकेत है।
रजिस्ट्रेशन फीस लेने वाली प्लेसमेंट एजेंसी भरोसे लायक होती है?
सावधान रहें। अगस्त 2026 में दिल्ली पुलिस ने उत्तम नगर में फ़र्ज़ी प्लेसमेंट ऑफ़िस चलाने वाले सात लोगों को पकड़ा। ये ऑनलाइन जॉब पोर्टल पर नौकरी के विज्ञापन डालते थे, फिर खुद को HR बताकर WhatsApp और फ़ोन पर संपर्क करते, इंटरव्यू पर बुलाते, और "रजिस्ट्रेशन और अकाउंट खोलने" के नाम पर ₹4,800, या रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग या अकाउंट खोलने की फीस के नाम पर ₹3,000 से ₹4,000 ले लेते थे। पुलिस की सलाह है कि एजेंसी को जांचे बिना ऐसी कोई फीस न दें।
कोई ई-श्रम कार्ड बनाने के पैसे मांग रहा है। क्या देने होंगे?
नहीं। ई-श्रम पोर्टल साफ़ कहता है कि रजिस्ट्रेशन पूरी तरह मुफ़्त है और रजिस्टर करने वाले किसी भी व्यक्ति या सेंटर को कोई चार्ज नहीं देना है। आप खुद पोर्टल पर या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर रजिस्टर कर सकते हैं। कार्ड कभी एक्सपायर नहीं होता और इसे रिन्यू भी नहीं कराना पड़ता।
रिफ़ंडेबल सिक्योरिटी डिपॉज़िट लेना आम बात है?
Zepto के राइडर एग्रीमेंट में रिफ़ंडेबल सिक्योरिटी डिपॉज़िट का ज़िक्र है, जो पेमेंट से एक या ज़्यादा किस्तों में कटता है। लेकिन अगर WhatsApp पर कोई अनजान आदमी काम शुरू होने से पहले QR कोड पर डिपॉज़िट मांगे, तो वो अलग बात है। उसे खतरे का संकेत समझें।
क्या ऑनबोर्डिंग फीस किस्तों में दे सकते हैं?
Swiggy की फीस जुड़ने के बाद किस्तों में कटती है। Swiggy Instamart में एक साथ या कुछ हफ़्तों की किस्तों में दे सकते हैं। Zomato एक बार में या किस्तों में लेता है। Zepto फीस और डिपॉज़िट पेमेंट से एक या ज़्यादा किस्तों में काटता है।

डिलीवरी जॉब के लिए अप्लाई करें

नाम, फ़ोन और इलाके वाला छोटा-सा फ़ॉर्म भरें। हमारी टीम आपको वापस कॉल करेगी।

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आवेदन बिल्कुल मुफ़्त है। हम कभी कोई फ़ीस नहीं लेते।