पोर्टर में कागज़ों की जाँच क्यों होती है
पोर्टर की जॉइनिंग में एक काम आमने-सामने होता है: Porter Partner Driver ऐप में रजिस्टर करने के बाद सभी कागज़ लेकर सिटी ऑफ़िस में वेरिफ़िकेशन करवाना होता है। पोर्टर पूरी लिस्ट नहीं बताता।
कागज़ वेरिफ़ाई होने के बाद एक ट्रायल (डमी) ऑर्डर होता है, फिर ट्रिप शुरू। कोई रजिस्ट्रेशन फ़ीस नहीं है।
दिल्ली के पार्टनर के लिए पोर्टर ऑफ़िस
पोर्टर के सपोर्ट पेज पर दिल्ली के अंदर कोई ऑफ़िस नहीं है। दिल्ली NCR के लिए एक ही ऑफ़िस दिया है, नोएडा सेक्टर 3 का रीजनल ऑफ़िस; पता नीचे के बॉक्स में है।
पोर्टर नए पार्टनर को "सिटी ऑफ़िस" आने को कहता है, पर उस पेज पर पता नहीं लिखता, इसलिए निकलने से पहले हमारी टीम से पूछ लें।
हमारे ज़रिए अप्लाई करें
- "पोर्टर डिलीवरी जॉब के लिए अप्लाई करें" दबाएँ और छोटा-सा फ़ॉर्म भरें: नाम, फ़ोन, शहर और इलाका।
- हमारी टीम कॉल करके हायरिंग पार्टनर्स की ओपनिंग के बारे में बात करेगी।
- पोर्टर कागज़ों की लिस्ट नहीं देता, इसलिए कॉल पर हमारी टीम से पूछें। डिलीवरी के काम में आम तौर पर कौन-से कागज़ लगते हैं, यह हमारी डॉक्यूमेंट गाइड में है।
दिल्ली में पोर्टर
हमारी गाइड में पोर्टर का काम द्वारका, रोहिणी, लक्ष्मी नगर और साकेत के आसपास है। किराया पोर्टर के तय रेट से बनता है; कमाई इस पर टिकी है कि आप कितना समय ऑनलाइन रहते हैं, और ऐप में रोज़ की कमाई व हफ़्ते का पेआउट दिखता है।