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दिल्ली की गर्मी में डिलीवरी का काम: राइडर्स के लिए ज़रूरी सावधानियां

दिल्ली की गर्मी में पूरा दिन सड़क पर रहने वाले राइडर्स के लिए लू बड़ा खतरा है। तबीयत बहुत जल्दी बिगड़ सकती है, और प्यास का इंतज़ार करना ठीक नहीं। ये सलाह स्वास्थ्य मंत्रालय, NDMA और दिल्ली के हीट एक्शन प्लान से ली गई है।

तेज़ गर्मी की दोपहर में मार्केट के शेड की छाया में पानी पीता डिलीवरी राइडर, धूप में खड़ा उसका स्कूटर

शिफ़्ट से पहले: साथ क्या रखें, क्या पहनें

  • पीने के पानी की बोतल, और हो सके तो ORS।
  • पतले, ढीले और हल्के रंग के सूती कपड़े।
  • हल्के रंग की पूरी बाजू की शर्ट और पैंट, ताकि धूप सीधे चमड़ी पर न लगे।
  • बाइक से उतरें तो सिर ढकने के लिए टोपी, गमछा या कोई कपड़ा।
  • जूते या चप्पल। धूप में नंगे पैर कभी न चलें।
  • फ़ोन चार्ज रखें, ताकि तबीयत बिगड़े तो मदद बुला सकें।

प्यास लगने से पहले पानी पिएं

जब तक प्यास लगती है, तब तक शरीर में पानी कम हो चुका हो सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह है कि बाहर काम करते हुए हर 20 मिनट या उससे भी जल्दी एक कप पानी पिएं।

ये पीना अच्छा है: पानी, ORS, नींबू पानी, छाछ, लस्सी, थोड़ा नमक डालकर फलों का जूस।

गर्मी में इनसे बचें: चाय, कॉफ़ी, कोल्ड ड्रिंक, बहुत मीठे ड्रिंक और शराब। इनसे शरीर का पानी और घटता है।

स्टोर, हब या रेस्ट पॉइंट, जहाँ मौका मिले, बोतल भर लें।

सबसे गर्म घंटों से बचकर काम करें

स्वास्थ्य मंत्रालय कहता है कि खास तौर पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धूप में निकलने से बचें, और दोपहर में बाहर भारी मेहनत न करें। अगर ऐप में शिफ़्ट चुनने की छूट है, तो ज़्यादा घंटे सुबह और शाम के ठंडे समय में रखें।

IMD रोज़ शाम 4 बजे के बाद लू की चेतावनी जारी करता है, अगले चार दिन के अनुमान के साथ। शाम को मौसम की खबर देखकर अगले दिन का प्लान बनाएं।

ऑरेंज और रेड हीट अलर्ट वाले दिनों के लिए NDMA की एक एडवाइज़री कहती है कि प्लेटफ़ॉर्म सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक काम ज़रूरी न रखें, और लॉग-इन के हर 90 मिनट पर 15 मिनट का कूलिंग ब्रेक दें। जानकारों के मुताबिक ये सलाह कानूनन ज़रूरी नहीं है, इसलिए अपने स्टोर या हब पर पूछें कि असल में क्या छूट मिलती है।

ऑर्डर के बीच कहाँ ठंडक लें

दो ऑर्डर के बीच छांव में थोड़ी देर रुकें। कुछ कंपनियाँ कहती हैं कि उन्होंने राइडर्स के आराम के लिए जगह बनाई है:

  • Amazon: Project Ashray, बड़े शहरों में 100 AC रेस्ट स्टॉप, जो दूसरी कंपनियों के राइडर्स के लिए भी खुले हैं।
  • Zomato: 5,000 से ज़्यादा रेस्ट पॉइंट, जहाँ छांव और पानी है, बाकी गिग वर्कर्स के लिए भी।
  • Zepto: हर स्टोर में पानी और वॉशरूम वाली अंदर बैठने की जगह।

ये कंपनियों के अपने दावे हैं। आपके पास में क्या है, ये अपने स्टोर या हब पर पूछें।

कब गाड़ी रोक देनी चाहिए

चक्कर आए, जी मिचलाए, सिर दर्द हो, बहुत ज़्यादा प्यास लगे, या सांस और धड़कन तेज़ हो, तो तुरंत रुकें और किसी ठंडी जगह जाएं। "बस एक ऑर्डर और" के चक्कर में न पड़ें। पानी पिएं और डॉक्टर की मदद लें। चक्कर में गाड़ी चलाना आपके और सड़क पर दूसरों के लिए खतरनाक है।

अगर कोई साथी राइडर उलझन में हो, उसका शरीर बहुत गर्म हो या पसीना आना बंद हो जाए, तो ये हीटस्ट्रोक हो सकता है। ये इमरजेंसी है:

  1. तुरंत 112 पर कॉल करें।
  2. उसे छांव वाली ठंडी जगह ले जाएं।
  3. उसकी चमड़ी या कपड़ों पर ठंडा पानी डालें और हवा करें।
  4. कपड़े ढीले कर दें।
  5. होश में हो तभी पानी पिलाएं। चाय, कॉफ़ी या कोल्ड ड्रिंक न दें।

दिल्ली के दूसरे नंबर: मेडिकल इमरजेंसी 108, CATS एम्बुलेंस 102, डिज़ास्टर मैनेजमेंट 1077 और 1070।

डिलीवरी का काम ढूंढ रहे हैं?

ओपनिंग की बात करते समय शिफ़्ट के समय और आराम की सुविधा के बारे में ज़रूर पूछें। हमारा फ़ॉर्म भरें, हमारी टीम आपको कॉल करके आपके इलाके की ओपनिंग के बारे में बात करेगी।

लोग अक्सर पूछते हैं

गर्मी में बाइक चलाते वक्त क्या पीना चाहिए?
स्वास्थ्य मंत्रालय की गर्मी वाली एडवाइज़री कहती है: प्यास न लगे तब भी बार-बार पानी पिएं, क्योंकि प्यास से ये पता नहीं चलता कि शरीर में पानी कम हो गया है। बाहर निकलें तो पानी की बोतल साथ रखें। ORS और घर के बने ड्रिंक जैसे नींबू पानी, छाछ या लस्सी, और थोड़ा नमक डला फलों का जूस फ़ायदेमंद है। शराब, चाय, कॉफ़ी, कोल्ड ड्रिंक और बहुत मीठे ड्रिंक से बचें, इनसे शरीर का पानी और घटता है। बाहर काम करने वालों के लिए सलाह है कि हर 20 मिनट या उससे जल्दी एक कप पानी पिएं।
गर्मी में डिलीवरी के काम के लिए क्या पहनें?
स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइज़री के मुताबिक पतले, ढीले और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। बाहर काम करते हैं तो हल्के रंग की पूरी बाजू की शर्ट और पैंट पहनें, और सिर ढककर रखें ताकि सीधी धूप न लगे: टोपी, तौलिया या कोई भी कपड़ा चलेगा। धूप में जूते या चप्पल पहनकर ही निकलें, नंगे पैर नहीं।
किस समय सबसे ज़्यादा खतरा होता है, और गर्मी का अलर्ट कहां देखें?
स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह है कि खास तौर पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धूप में निकलने से बचें, और दोपहर में बाहर भारी मेहनत वाला काम न करें। जहां हो सके, बाहर का काम सुबह और शाम के ठंडे समय में करें। अलर्ट के लिए लोकल मौसम की खबरें देखें या भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की वेबसाइट mausam.imd.gov.in देखें। IMD रोज़ शाम 4 बजे के बाद अगले चार दिन के अनुमान के साथ लू की चेतावनी जारी करता है।
गर्मी लगने (हीट स्ट्रेस) के क्या लक्षण हैं?
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक ये लक्षण हैं: चक्कर आना या बेहोशी, जी मिचलाना या उल्टी, सिरदर्द, बहुत ज़्यादा प्यास, पेशाब कम आना और उसका रंग गहरा पीला होना, और सांस व धड़कन तेज़ होना। इनमें से कुछ भी लगे तो रुकें, तुरंत किसी ठंडी जगह जाएं, कुछ पिएं (पानी सबसे अच्छा है) और डॉक्टर की मदद लें। मांसपेशियों में दर्द वाली ऐंठन हो तो ठंडी जगह आराम करें और ORS पिएं; ऐंठन एक घंटे से ज़्यादा रहे तो डॉक्टर को दिखाएं।
किसी साथी राइडर को लू (हीटस्ट्रोक) लग जाए तो क्या करें?
हीटस्ट्रोक मेडिकल इमरजेंसी है। बड़ों में खतरे के लक्षण: उलझन या बेचैनी, त्वचा गर्म, लाल और सूखी, शरीर का तापमान 40°C (104°F), तेज़ सिरदर्द, चक्कर या बेहोशी, और धड़कन या सांस तेज़ होना। स्वास्थ्य मंत्रालय कहता है: अगर किसी का शरीर बहुत गर्म है और वो बेहोश है, उलझन में है या उसे पसीना आना बंद हो गया है, तो तुरंत 112 पर कॉल करें। तब तक उसे छांव वाली ठंडी जगह ले जाएं, उसकी त्वचा या कपड़ों पर खूब ठंडा पानी डालें और हवा करें। NDMA की सलाह: कपड़े ढीले कर दें, होश में हो तो पानी पिलाएं, और शराब, चाय-कॉफ़ी या कोल्ड ड्रिंक न दें।
दिल्ली में लू के दौरान किन इमरजेंसी नंबरों पर कॉल कर सकते हैं?
दिल्ली के हीट एक्शन प्लान (दिल्ली डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी) में ये इमरजेंसी नंबर दिए गए हैं: डिज़ास्टर मैनेजमेंट 1077 और 1070, दिल्ली पुलिस 112, मेडिकल इमरजेंसी 108, और CATS एम्बुलेंस 102। ट्रिब्यून के मुताबिक हीट वेव एक्शन प्लान 2026 में 1077, 1070 और 112 हेल्पलाइन चौबीसों घंटे चालू रहती हैं, और 30 से ज़्यादा अस्पतालों में हीटस्ट्रोक के मरीज़ों के लिए खास कूल रूम हैं।
लू के दौरान डिलीवरी कंपनियों के लिए क्या कोई सरकारी सलाह है?
हां। 2025 में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने असंगठित और गिग वर्कर्स के लिए एक एडवाइज़री जारी की। Mongabay India की रिपोर्ट के मुताबिक इसमें प्लेटफ़ॉर्म से कहा गया है कि IMD के ऑरेंज और रेड हीट अलर्ट के दौरान सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक काम ज़रूरी न रखें, और कूलिंग ब्रेक के साथ दो घंटे की छोटी शिफ्ट दें। साथ ही लॉग-इन के हर 90 मिनट पर 15 मिनट का कूलिंग ब्रेक, हर शिफ्ट में कम से कम दो लीटर पानी, गर्मी से बचाव की किट, और बिना पेनल्टी काम से मना करने का हक भी इसमें है। रिपोर्ट में जानकारों ने कहा है कि ये एडवाइज़री कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है, इसलिए अपनी कंपनी से पूछें कि असल में क्या सुविधा मिलती है।
गर्मी में राइडर्स के लिए डिलीवरी कंपनियों ने क्या इंतज़ाम बताए हैं?
मई 2026 में PTI ने कंपनियों के ये दावे छापे: Amazon का Project Ashray, बड़े शहरों में 100 AC रेस्ट स्टॉप, जहां बैठने की जगह, वॉशरूम, पीने का पानी और फ़र्स्ट-एड है, और ये दूसरी कंपनियों के राइडर्स के लिए भी खुले हैं। Zomato ने रेस्टोरेंट पार्टनर्स, TVS और Shell के साथ मिलकर 5,000 से ज़्यादा रेस्ट पॉइंट बनाए हैं, जहां छांव और पानी मिलता है, और ये बाकी गिग वर्कर्स के लिए भी हैं। Zepto का कहना है कि उसके हर स्टोर में पानी और वॉशरूम वाली अंदर बैठने की जगह है, और गर्मी के लिए एक्स्ट्रा कूलर लगाए गए हैं। Swiggy ने कूलिंग जैकेट, Flipkart ने Doctor on Call सेवा, और Blinkit ने मुफ़्त Doctor@Store सलाह शुरू की है। ये कंपनियों के अपने दावे हैं; आपके स्टोर या हब पर असल में क्या मिलता है, वहीं पूछें।
हीट अलर्ट में क्या कंपनी से ब्रेक मांग सकते हैं?
हाँ, मांग सकते हैं। NDMA की एडवाइज़री कहती है कि ऑरेंज और रेड हीट अलर्ट में प्लेटफ़ॉर्म कूलिंग ब्रेक और दो घंटे की छोटी शिफ़्ट दें, और बिना पेनल्टी काम से मना करने दें। ये सलाह है, कानून नहीं, इसलिए असल में क्या मिलेगा ये आपकी कंपनी पर है।

डिलीवरी जॉब के लिए अप्लाई करें

नाम, फ़ोन और इलाके वाला छोटा-सा फ़ॉर्म भरें। हमारी टीम आपको वापस कॉल करेगी।

डिलीवरी जॉब के लिए अप्लाई करें

आवेदन बिल्कुल मुफ़्त है। हम कभी कोई फ़ीस नहीं लेते।