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दिल्ली NCR में बिना बाइक के डिलीवरी जॉब

डिलीवरी का काम शुरू करने के लिए हमेशा अपनी बाइक ज़रूरी नहीं। कुछ कंपनियां साइकिल पर भी काम देती हैं, और कुछ इलेक्ट्रिक गाड़ी किराये पर देती हैं। यहां जानिए कौन सी कंपनियां, ई-साइकिल के नियम क्या हैं, और पहले क्या जांच लें।

दिल्ली की सड़क पर साइकिल पर डिलीवरी बैग लिए डिलीवरी वर्कर, पीछे फल की दुकान के पास एक और वर्कर पार्सल बैग लेकर जा रहा है

साइकिल पर काम देने वाली कंपनियां

  • Swiggy: बाइक, ई-बाइक या साइकिल, किराये की भी चलेगी। साइकिल के लिए ड्राइविंग लाइसेंस नहीं चाहिए।
  • Swiggy Instamart: बाइक, ई-बाइक या साइकिल, किराये वाली भी। साइकिल या EV से डिलीवरी करनी है तो लाइसेंस ज़रूरी नहीं।
  • Zomato: ज़्यादातर दोपहिया मांगता है, पर साइकिल का भी ज़िक्र करता है।
  • Zepto: यहां अपनी दोपहिया लानी होती है, जब तक Zepto खुद साइकिल या ई-साइकिल न दे।

इनमें से किसकी ओपनिंग आपके पास है, ये कॉल पर पूछ लें।

बाइक की जगह किराये की इलेक्ट्रिक गाड़ी

कुछ कंपनियां EV दिलाने में मदद करती हैं:

  • Rapido: दिल्ली में Rapido से किराये पर EV ले सकते हैं।
  • Shadowfax: इलेक्ट्रिक गाड़ी किराये पर देता है।
  • Flipkart Minutes: Flipkart के EV Assist से इलेक्ट्रिक स्कूटर किराये पर मिल सकता है, कुछ शहरों में।

आप खुद भी छोटी इलेक्ट्रिक बाइक किराये पर ले सकते हैं। Yulu के शहरों में दिल्ली है, और डिलीवरी के लिए उसकी DeX गाड़ी है, जिसमें सामान का कैरियर और मोबाइल होल्डर लगा है। किराये और ज़रूरी सवालों के लिए हमारी EV किराये वाली गाइड पढ़ें।

ई-साइकिल या ई-स्कूटर: लाइसेंस चाहिए या नहीं?

ये गाड़ी की स्पीड पर टिका है।

  • लो-स्पीड मॉडल: अगर सरकार की मान्य टेस्टिंग एजेंसी ने जांच कर दी है कि टॉप स्पीड 25 km/h से कम है, तो ये मोटर व्हीकल नहीं है। न रजिस्ट्रेशन, न ड्राइविंग लाइसेंस।
  • तेज़ मॉडल: 25 km/h से तेज़ चलने वाली गाड़ी मोटर व्हीकल है। लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और बीमा सब चाहिए।

कुछ डीलर तेज़ ई-स्कूटर को "लो-स्पीड" बताकर बिना मंज़ूरी के बेच देते हैं। खरीदने या किराये पर लेने से पहले टेस्टिंग की मंज़ूरी का कागज़ मांगिए। गाड़ी 25 km/h से तेज़ चलती है तो बिना लाइसेंस और कागज़ों के उससे डिलीवरी मत कीजिए।

ई-साइकिल खरीदने की सोच रहे हैं?

  • दिल्ली EV पॉलिसी 2026 की सब्सिडी उन इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए है जिनकी RC बनती है। लो-स्पीड ई-साइकिल की RC नहीं बनती, इसलिए उस पर ये सब्सिडी नहीं मिलती।
  • लो-स्पीड गाड़ियों के नियम बदल सकते हैं। 21 अगस्त 2026 के ड्राफ़्ट में मोटर की पावर बढ़ाने की बात है, पर स्पीड 25 km/h से कम ही रहेगी। खरीदने से पहले ताज़ा नियम देख लें।
  • पैसा लगाने से पहले किराये पर लेकर काम आज़मा लेना आसान रास्ता है।

डॉक्यूमेंट और अप्लाई कैसे करें

बाइक न हो तब भी पहचान और बैंक के कागज़ तैयार रखें। Swiggy आधार या वोटर ID, पैन और बैंक डिटेल मांगता है। Swiggy Instamart आधार और पैन मांगता है, और हर हफ़्ते पेमेंट के लिए बैंक खाता।

  1. इसी पेज पर फ़ॉर्म भरें: नाम, फ़ोन, शहर और एरिया।
  2. हमारी टीम को बताएं कि बाइक नहीं है: साइकिल, ई-साइकिल या किराये की EV से काम करना है।
  3. हमारी टीम कॉल करके आपके हिसाब की ओपनिंग पर बात करेगी।

सारी अभी की ओपनिंग यहां देखें।

लोग अक्सर पूछते हैं

इलेक्ट्रिक साइकिल के लिए लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन चाहिए?
अगर वह लो-स्पीड मॉडल है तो नहीं। सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स के मुताबिक बैटरी वाली दोपहिया गाड़ी मोटर व्हीकल नहीं मानी जाती, अगर सरकार की मान्य टेस्टिंग एजेंसी ने जांच कर दी हो कि उसकी टॉप स्पीड 25 km/h से कम है, मोटर की पावर कम है और उसमें ब्रेक व रिफ़्लेक्टर लगे हैं। ऐसी गाड़ी का ट्रांसपोर्ट विभाग में रजिस्ट्रेशन नहीं होता, और मोटर व्हीकल वाले ड्राइविंग लाइसेंस के नियम इस पर नहीं लगते। बेचने वाले या किराये की कंपनी से टेस्टिंग की मंज़ूरी का कागज़ ज़रूर मांगें।
अगर 'लो-स्पीड' बताया गया ई-स्कूटर असल में तेज़ चलता हो तो?
तब वह मोटर व्हीकल है और आम नियम लागू होते हैं: टाइप अप्रूवल, रजिस्ट्रेशन, बीमा, और चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस। सड़क परिवहन मंत्रालय ने राज्यों को चेताया है कि कुछ डीलर तेज़ चलने वाले ई-स्कूटर को बिना मंज़ूरी और बीमा के लो-स्पीड बताकर बेच रहे हैं। अगर स्कूटर 25 km/h से तेज़ चलता है, तो बिना लाइसेंस और कागज़ों के उससे डिलीवरी न करें।
क्या लो-स्पीड ई-गाड़ियों के नियम बदल रहे हैं?
हो सकता है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने 21 अगस्त 2026 को लोगों की राय के लिए नियमों का ड्राफ़्ट जारी किया। इसमें मोटर की पावर बढ़ाने और वज़न की सीमा हटाने का प्रस्ताव है, पर टॉप स्पीड 25 km/h से कम ही रहेगी और मान्य टेस्टिंग एजेंसी की जांच भी ज़रूरी रहेगी। यह ड्राफ़्ट था, फ़ाइनल नियम नहीं, इसलिए खरीदने से पहले ताज़ा नियम देख लें।
क्या दिल्ली की EV सब्सिडी इलेक्ट्रिक साइकिल पर मिलती है?
दिल्ली EV पॉलिसी 2026 में खरीद पर इंसेंटिव इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, ई-ऑटो और इलेक्ट्रिक माल गाड़ियों के लिए हैं, और यह गाड़ी की RC बनने के बाद क्लेम होता है। इलेक्ट्रिक साइकिल इस लिस्ट में नहीं है। लो-स्पीड ई-साइकिल का रजिस्ट्रेशन ही नहीं होता, इसलिए उसकी RC भी नहीं बनती।
क्या दिल्ली में डिलीवरी के लिए छोटी इलेक्ट्रिक बाइक किराये पर मिलती है?
हां। Yulu के रेंटल पेज पर दिल्ली उसके शहरों में है, और डिलीवरी के लिए उसकी DeX गाड़ी दिखाई गई है। Yulu के मुताबिक DeX गिग वर्कर्स के लिए कम खर्च वाली गाड़ी है, जिसमें सामान रखने का कैरियर, मोबाइल होल्डर और आगे-पीछे लाइट लगी है। जो मॉडल मिले, उसके लिए ड्राइविंग लाइसेंस चाहिए या नहीं, यह Yulu से पूछ लें।
अपनी बाइक के बिना Rapido में काम शुरू कर सकते हैं?
दिल्ली में Rapido से किराये पर EV ले सकते हैं। फिर भी वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस, कम से कम 2 साल गाड़ी चलाने का तजुर्बा, और 30 घंटे की इंडक्शन ट्रेनिंग ज़रूरी है।

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नाम, फ़ोन और इलाके वाला छोटा-सा फ़ॉर्म भरें। हमारी टीम आपको वापस कॉल करेगी।

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आवेदन बिल्कुल मुफ़्त है। हम कभी कोई फ़ीस नहीं लेते।