शैडोफ़ैक्स में काम
पार्सल दोपहिया गाड़ी से पहुँचाने होते हैं। अपनी गाड़ी नहीं है तो शैडोफ़ैक्स अपने डिलीवरी पार्टनर्स को किराये पर इलेक्ट्रिक गाड़ी देता है।
रोज़ का कोई टारगेट नहीं है, तो कितनी डिलीवरी लेनी है, यह आप तय करते हैं। पहली डिलीवरी से पहले ऑनबोर्डिंग, वेरिफ़िकेशन और ट्रेनिंग होती है, इसलिए पहली कमाई से पहले थोड़ा समय लगेगा।
कमाई किन चीज़ों से जुड़कर बनती है
शैडोफ़ैक्स के मुताबिक पेमेंट में ये हिस्से जुड़ते हैं:
- बेस पे
- दूरी का बोनस
- पीक-आवर इंसेंटिव
- परफ़ॉर्मेंस बोनस
- रेफ़रल इनाम, जो हर शहर में अलग होता है
सारा पैसा हर हफ़्ते पार्टनर ऐप के ज़रिये आता है। ज़्यादा डिलीवरी और भीड़ वाले घंटों में काम करेंगे, तो ये हिस्से ज़्यादा जुड़ेंगे।
हमारे फ़ॉर्म से शुरुआत
- इस पेज पर अपना नाम, फ़ोन, शहर और इलाका भरें।
- हम आपको कॉल करके हायरिंग पार्टनर्स की डिलीवरी ओपनिंग पर बात करेंगे।
- ये चीज़ें तैयार रखें: चालू मोबाइल नंबर, पहचान और पते का सबूत, ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी के कागज़ और बैंक खाते की डिटेल।
कुछ सुझाव
- किराये पर EV लेने की सोच रहे हैं तो पहले हमारा EV किराये वाला गाइड पढ़ लें।
- रोज़ का टारगेट नहीं है, तो शुरू में आराम से रास्ते सीखें।
- रेफ़रल इनाम शहर के हिसाब से बदलता है, इसलिए दिल्ली का नियम पूछ लें।